डिजिटल डेस्क | भोपाल मध्यप्रदेश में विधानसभा सत्र समाप्त होते ही प्रदेश स्तर पर बड़े प्रशासनिक फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार सरकार कानून-व्यवस्था की मजबूती, विकास कार्यों की रफ्तार और प्रशासनिक कसावट को ध्यान में रखते हुए कई जिलों में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों के तबादले की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि इस संभावित फेरबदल की जद में इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, धार सहित कई महत्वपूर्ण जिले आ सकते हैं।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों से जिलों के कार्य प्रदर्शन, अपराध नियंत्रण, राजस्व वसूली, जनसुनवाई और शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की जमीनी प्रगति की लगातार समीक्षा की जा रही थी। इसी समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर अधिकारियों की नई पदस्थापना को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
विशेष रूप से बड़े शहरों में कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, माफिया नियंत्रण और शहरी विकास परियोजनाओं की मॉनिटरिंग को लेकर सरकार गंभीर नजर आ रही है। यही वजह है कि पुलिस विभाग में भी व्यापक स्तर पर बदलाव संभावित माना जा रहा है। कई जिलों के पुलिस अधीक्षकों को इधर से उधर किया जा सकता है, वहीं कुछ अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिलों की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
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सूत्र बताते हैं कि जिन जिलों में अपराध दर में बढ़ोतरी, अवैध खनन, भूमाफिया गतिविधियों या प्रशासनिक शिथिलता की शिकायतें ज्यादा मिली हैं, वहां बदलाव लगभग तय माना जा रहा है। इसके अलावा आगामी प्रशासनिक योजनाओं और चुनावी तैयारियों को देखते हुए भी फील्ड में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती पर जोर दिया जा रहा है।
वहीं मंत्रालय स्तर पर भी कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के प्रभार में बदलाव की चर्चा है। विभागीय समन्वय, बजट उपयोग और परियोजनाओं की समयसीमा को लेकर सरकार सख्त रुख अपनाने के संकेत दे चुकी है। ऐसे में यह फेरबदल केवल जिला स्तर तक सीमित न रहकर व्यापक प्रशासनिक पुनर्संरचना का रूप ले सकता है।
हालांकि अभी तक आधिकारिक सूची जारी नहीं हुई है, लेकिन विश्वसनीय सूत्रों का दावा है कि सूची लगभग तैयार है और विधानसभा सत्र समाप्ति के तुरंत बाद आदेश जारी किए जा सकते हैं।
कुल मिलाकर, प्रस्तावित तबादला सूची को प्रदेश प्रशासन में नई ऊर्जा और जवाबदेही स्थापित करने की दिशा में बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की नजरें सरकार द्वारा जारी होने वाले अंतिम आदेश पर टिकी हुई हैं, जिससे स्पष्ट होगा कि किन जिलों को नए कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक मिलते हैं।








