भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस अकादमी में रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम का सामूहिक श्रवण आयोजित किया गया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) कैडेट्स तथा नव आरक्षक कैडेट्स के साथ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों को सुना। कार्यक्रम में अकादमी के निदेशक, विशेष पुलिस महानिदेशक श्री रवि कुमार गुप्ता, उपनिदेशक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल सहित संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे!

उपनिदेशक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने अकादमी में संचालित विभिन्न प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों, आधुनिक पुलिसिंग की रणनीतियों तथा संस्थान की उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में पुलिस प्रशिक्षण केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं और तकनीकी दक्षता के समन्वय पर आधारित है।
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राज्यपाल श्री पटेल ने अपने संबोधन में कहा कि जनता से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करने वाले विभागों में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रत्येक पुलिसकर्मी को ‘मन की बात’ में व्यक्त प्रेरणादायक संदेशों को आत्मसात कर अपनी कार्यशैली को उत्कृष्ट बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के विभिन्न कोनों में हो रहे सकारात्मक और छोटे-छोटे परिवर्तन देश को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सशक्त आधार प्रदान कर रहे हैं।

उन्होंने बल दिया कि पुलिस बल में अनुशासन और जनता के प्रति सहानुभूति—दोनों का संतुलन आवश्यक है। वर्दी सत्ता का नहीं, बल्कि सेवा और संवेदनशीलता का प्रतीक है। प्रत्येक घटना की गहन जांच और निष्पक्ष कार्यवाही पुलिस कर्मी की मूल जिम्मेदारी है। “कर्म का न्याय सदैव प्रभावी होता है,” उन्होंने कहा।
राज्यपाल ने स्वच्छता, जल संरक्षण, डिजिटल साक्षरता जैसे विषयों पर जनभागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता भी रेखांकित की और पुलिस बल से अपेक्षा की कि वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनें।
कार्यक्रम के दौरान नव आरक्षक कैडेट अवसी दलाल तथा उप पुलिस अधीक्षक कैडेट पूजा लक्ष्यकर और विनय कुमार ने अपने प्रशिक्षण अनुभवों और गतिविधियों की जानकारी राज्यपाल महोदय को दी। मंच संचालन सहायक निदेशक श्रीमती ज्योति उमठ द्वारा किया गया, जबकि कार्यक्रम के समापन पर पुलिस अधीक्षक (पीटीएस) श्रीमती यास्मीन जहरा ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर ने प्रशिक्षणरत अधिकारियों और जवानों के लिए सेवा, संवेदना और राष्ट्रनिर्माण के संकल्प को और अधिक दृढ़ करने का संदेश दिया।







