भोपाल | मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत हंगामेदार रही। सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान ही विपक्ष ने विभिन्न मुद्दों को लेकर जोरदार विरोध दर्ज कराया, जिससे सदन का माहौल गरमा गया। विपक्षी विधायकों ने सरकार पर जनहित के मुद्दों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की और कई बार कार्यवाही बाधित हुई।
इसी दौरान इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से डायरिया फैलने और कई लोगों की मौत का मामला सदन में प्रमुखता से उठा। विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगते हुए मृतकों की संख्या, राहत व्यवस्था और जिम्मेदारी तय करने को लेकर तीखे सवाल किए। सरकार की ओर से स्वीकार किया गया कि इस घटना में 20 लोगों की मौत हुई, जिसके बाद सदन में और अधिक शोर-शराबा देखने को मिला।
कांग्रेस विधायकों ने इस मुद्दे सहित महंगाई, बेरोजगारी और जनसमस्याओं को लेकर अनोखा विरोध प्रदर्शन भी किया। कुछ विधायक थाली बजाकर सदन पहुंचे और सरकार के खिलाफ प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। विपक्ष का कहना था कि जनता की आवाज़ दबाई जा रही है, इसलिए उन्हें विरोध का यह तरीका अपनाना पड़ा।
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हंगामे के बीच सत्ता पक्ष ने राज्यपाल के अभिभाषण को सरकार की उपलब्धियों और आगामी विकास योजनाओं का विज़न दस्तावेज बताया, जबकि विपक्ष ने इसे जमीनी हकीकत से दूर करार दिया। बार-बार के शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित होती रही।
बजट सत्र के आगामी दिनों में वित्तीय प्रस्तावों के साथ-साथ जनहित के कई मुद्दों पर तीखी बहस होने के आसार हैं, जिससे सियासी तापमान और बढ़ सकता है।







