विदिशा। पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने विदिशा जनपद की ग्राम रंगई में आयोजित पौधरोपण कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं जनभागीदारी का संदेश दिया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री पटेल ने कहा कि सार्वजनिक भूमि पर सार्वजनिक हितों की पूर्ति के उद्देश्य से किया जा रहा यह प्रयास अत्यंत अनुकरणीय है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर सार्वजनिक भूमि के अभाव में शासकीय भवनों के निर्माण कार्य प्रभावित होते हैं, इसलिए उपलब्ध भूमि का सुव्यवस्थित एवं दूरदर्शी उपयोग किया जाना आवश्यक है। उन्होंने ग्राम स्तर पर सामुदायिक भागीदारी से विकास कार्यों को गति देने की आवश्यकता पर बल दिया।
मंत्री श्री पटेल ने विशेष रूप से गौसंवर्धन के विषय को रेखांकित करते हुए कहा कि गौशालाओं के चारों ओर बड़ी एवं छायादार प्रजाति के पौधे लगाए जाने चाहिए। इससे गौवंश के संरक्षण, उनके स्वास्थ्य संवर्धन तथा अनुकूल वातावरण निर्माण में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि मूक पशुओं को सड़कों पर भटकने से रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। शासन तकनीकी सहयोग एवं वित्तीय संसाधन उपलब्ध करा सकता है, किंतु सेवा कार्यों का वास्तविक क्रियान्वयन समाज की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है। उन्होंने विदिशा जिले में गौसंवर्धन एवं सार्वजनिक भूमि के सदुपयोग की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए इसे अन्य जिलों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
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इस अवसर पर विदिशा विधायक श्री मुकेश टंडन ने अपने उद्बोधन में कहा कि मध्यप्रदेश को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने हेतु संचालित अभियानों के प्रभावी क्रियान्वयन में ग्रामीण विकास की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जिले में संचालित गौशालाओं में गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों को उल्लेखनीय बताते हुए जनसहभागिता को विकास की आधारशिला बताया।
पौधरोपण कार्यक्रम के दौरान मंत्री श्री पटेल, विधायक श्री टंडन सहित अन्य जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक पौधरोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम में कुल 251 पौधों का रोपण किया गया, जिसमें फलदार, छायादार एवं पर्यावरणीय दृष्टि से उपयोगी प्रजातियाँ शामिल रहीं।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता कैलाश रघुवंशी, जनपद सदस्य श्रीमती ममता फूल सिंह यादव, सरपंच श्रीमती अर्चना अमित कुशवाह, श्री संदीप सिंह डोंगर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
यह आयोजन पर्यावरण संतुलन, पशुधन संरक्षण तथा सामुदायिक भागीदारी का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया, जिसने ग्रामीण विकास के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण की दिशा में भी सकारात्मक संदेश दिया।








