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महाशिवरात्रि 2026: कब है पर्व, ज्योतिष अनुसार ग्रह-नक्षत्रों का दुर्लभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त व पूजन विधि !

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डिजिटल डेस्क। हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि भगवान शिव की आराधना का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को यह पर्व मनाया जाता है। वर्ष 2026 में महाशिवरात्रि 15 फरवरी, रविवार को मनाई जाएगी। इस दिन देशभर के शिवालयों में विशेष पूजा, अभिषेक, रुद्राभिषेक और रात्रि जागरण का आयोजन होगा।


ज्योतिष अनुसार तिथि व मुहूर्त
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पंचांग गणना के अनुसार—

  • चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 14 फरवरी 2026 — रात्रि 08:52 बजे (लगभग)

  • चतुर्दशी तिथि समाप्त: 15 फरवरी 2026 — सायं 06:05 बजे (लगभग)

  • निशिता काल पूजा मुहूर्त: रात्रि 12:05 से 12:55 बजे तक

  • रात्रि के चार प्रहर पूजन: शिवपूजन के लिए अत्यंत शुभ माने गए हैं।


ग्रह-नक्षत्रों का विशेष संयोग

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष महाशिवरात्रि पर शुभ ग्रह स्थिति बन रही है—

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  • चंद्रमा मकर राशि में गोचर करेगा, जो साधना व अनुशासन का प्रतीक माना जाता है।

  • शनि की दृष्टि कर्म फल व तपस्या के योग को बल देगी।

  • गुरु का शुभ प्रभाव आध्यात्मिक उन्नति व ज्ञान प्राप्ति का संकेत देता है।

  • यह संयोग रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप और शिव साधना के लिए अत्यंत फलदायी माना जा रहा है।


पूजन विधि (संक्षेप में)
  • प्रातः स्नान कर व्रत संकल्प लें।

  • शिवलिंग पर जल, दुग्ध, दही, घृत, शहद से अभिषेक करें।

  • बेलपत्र, धतूरा, भस्म, चंदन अर्पित करें।

  • “ॐ नमः शिवाय” व महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।

  • रात्रि जागरण व शिव चालीसा/रुद्राष्टक पाठ करें।


धार्मिक मान्यता

मान्यता है कि इसी रात्रि भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह हुआ था। इस दिन व्रत-पूजन करने से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं, वैवाहिक सुख, आरोग्य और आयु में वृद्धि होती है।

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