विदिशा। केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत भारत सरकार की एक विशेषज्ञ टीम बेतवा नदी के विस्तृत सर्वेक्षण हेतु विदिशा पहुंची। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य बेतवा नदी को प्रदूषण मुक्त बनाना, जल गुणवत्ता में सुधार करना तथा दीर्घकालिक संरक्षण के लिए समेकित कार्ययोजना तैयार करना है।
विशेषज्ञ टीम द्वारा बेतवा नदी में मिलने वाले प्रमुख नालों—चोरघाट नाला, गौशाला नाला एवं पीलिया नाला—का स्थल निरीक्षण कर तकनीकी सर्वेक्षण किया गया। टीम ने इन नालों से नदी में पहुंचने वाले अपशिष्ट, प्रदूषण के स्रोतों तथा उनके उपचार की संभावनाओं का गहन अध्ययन किया। इसके अतिरिक्त बेतवा नदी के साथ बैस नदी का भी भ्रमण कर जल गुणवत्ता, प्रदूषण स्तर एवं संरक्षण की संभावनाओं का विस्तृत आकलन किया गया।
निरीक्षण के दौरान शहर में संचालित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का अवलोकन भी किया गया। भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नए एसटीपी स्थापित करने हेतु प्रस्ताव तैयार करने, नालों के उपचार तथा सीवेज प्रबंधन में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को लेकर विशेषज्ञों एवं स्थानीय अधिकारियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई।
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नदी शुद्धिकरण, वृक्षारोपण तथा तटों के सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्यों की संभावनाओं को लेकर नगर पालिका, भूमि अभिलेख विभाग, जल संसाधन विभाग (WRD) एवं जिला पंचायत के अधिकारियों के साथ संयुक्त निरीक्षण भी किया गया। इस दौरान परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु विभिन्न विभागों के समन्वय पर विशेष बल दिया गया।
विशेषज्ञ दल ने स्थानीय अधिकारियों एवं अमले के तकनीकी प्रशिक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि परियोजना के कार्यों में गुणवत्ता, दक्षता और दीर्घकालिक प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके। बेतवा नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में टीम के बीच विस्तृत विचार-विमर्श हुआ और निर्णय लिया गया कि एक वृहद एवं समेकित परियोजना तैयार की जाएगी। इसके लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) निर्माण हेतु भारत सरकार की टीम फील्ड स्तर पर निरंतर कार्य करेगी।
इस विशेषज्ञ दल में श्री सियाम खान मुआन गुइटे, निदेशक, जल संसाधन विभाग (DOWR), ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार; श्री दुश्यंत सिंह चुंडावत, परियोजना प्रबंधक, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG), जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार; तथा श्री सुनील कुमार, पर्यावरण अभियंता, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG), जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार शामिल रहे।
बेतवा नदी के संरक्षण, सतत विकास तथा विदिशा क्षेत्र में पर्यावरणीय संतुलन स्थापित करने की दिशा में यह पहल एक महत्वपूर्ण एवं दूरगामी कदम मानी जा रही है।








