डिजिटल डेस्क, लखनऊ / उत्तराखंड: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे के दौरान शुक्रवार को अपने पैतृक गांव पंचूर पहुंचे, जहां उन्होंने रात्रि विश्राम किया। शनिवार सुबह मुख्यमंत्री गांव के भ्रमण पर निकले और स्थानीय ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान गांव में उत्साह और अपनत्व का माहौल देखने को मिला।
गांव भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने नाते-रिश्तेदारों एवं परिचितों से भी मिले और उनका हालचाल जाना। इसी दौरान एक भावनात्मक वाक्या सामने आया, जब उन्होंने ग्रामीणों को गांव में बसने, खेती करने और अपनी जड़ों से जुड़े रहने के लिए प्रेरित किया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से खेती-बाड़ी को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए कहा कि गांव और कृषि भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं, इन्हें मजबूत करना हम सबकी जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री बच्चों के बीच भी पहुंचे और उन्हें टॉफी-चॉकलेट वितरित कर स्नेह जताया। बच्चों से आत्मीय संवाद करते हुए उन्होंने मुस्कुराकर कहा— “हम भी तुम्हारे दादा हैं।” मुख्यमंत्री की इस स्नेहपूर्ण टिप्पणी से वहां मौजूद बच्चे और ग्रामीण भावुक हो उठे।
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दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उस विद्यालय का भी दौरा किया, जहां से उन्होंने कक्षा नौ तक शिक्षा ग्रहण की थी। उन्होंने स्कूल के नवनिर्मित कक्षों का लोकार्पण किया। यह अवसर उनके शिक्षा के प्रति प्रेम और लगाव को दर्शाने वाला रहा। उन्होंने कहा कि बहुत कम लोगों को यह सौभाग्य मिलता है कि जिस विद्यालय में उन्होंने पढ़ाई की हो, उसके विकास में योगदान दे सकें।
मुख्यमंत्री का अपने जन्मस्थान से जुड़ाव और वहां के लोगों के प्रति अपनत्व स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। ग्रामीणों ने कहा कि इतने बड़े राज्य के मुखिया होने के बावजूद उनका परिवार आज भी बेहद साधारण जीवन जीता है। उनकी पृष्ठभूमि सामान्य रही, लेकिन कठिन परिश्रम और शिक्षा के बल पर उन्होंने देश-प्रदेश में विशिष्ट पहचान बनाई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पैतृक गांव पंचूर, उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के यमकेश्वर क्षेत्र में पहाड़ी भूभाग पर स्थित है। पुराने समय में यहां आवागमन की सुविधाएं सीमित थीं, इसके बावजूद इसी गांव से निकलकर उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की, आध्यात्मिक जीवन अपनाया, एक विशाल मठ के उत्तराधिकारी बने और आगे चलकर देश के सबसे बड़े राज्यों में से एक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।
उनकी शैक्षणिक यात्रा भी प्रेरणादायक रही है। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय से कक्षा पांचवीं तक की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद बिथ्याणी के जूनियर हाईस्कूल से आठवीं, चमकोट खाल के जनता इंटर कॉलेज से नौवीं तथा नरेंद्र नगर के खाड़ी हाईस्कूल से दसवीं तक की पढ़ाई पूरी की। आगे की शिक्षा उन्होंने ऋषिकेश स्थित भरत मंदिर इंटर कॉलेज से बारहवीं तक प्राप्त की तथा कोटद्वार के महाविद्यालय से बीएससी की डिग्री हासिल की।
मुख्यमंत्री का यह दौरा पारिवारिक, भावनात्मक और सामाजिक जुड़ाव का प्रतीक माना जा रहा है। ग्रामीणों ने इसे अपने गांव के लिए गौरव का क्षण बताया।








