विदिशा। मादक पदार्थों से जुड़े प्रकरणों में प्रभावी एवं विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विदिशा पुलिस द्वारा एनडीपीएस एक्ट विषय पर हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन/ऑफलाइन) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पुलिस महानिरीक्षक भोपाल (देहात) एवं पुलिस उप महानिरीक्षक भोपाल (ग्रामीण) रेंज के निर्देशन में आयोजित इस प्रशिक्षण का मार्गदर्शन पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी ने किया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रशिक्षण पुलिस कंट्रोल रूम विदिशा में दो सत्रों में संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण का उद्देश्य जिले में पदस्थ पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कानूनी ज्ञान, विवेचना दक्षता एवं व्यावहारिक कार्यकुशलता को सुदृढ़ करना रहा, ताकि एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े प्रकरणों में सटीक एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
कार्यक्रम के दौरान एनडीपीएस एक्ट की बारीकियों, वैधानिक प्रावधानों तथा विवेचना प्रक्रिया पर विस्तार से मार्गदर्शन प्रदान किया गया। मादक पदार्थ जैसे गांजा, अफीम, भांग, स्मैक एवं ब्राउन शुगर की बरामदगी के दौरान अपनाई जाने वाली कानूनी प्रक्रियाओं पर विशेष चर्चा की गई। जप्ती की कार्रवाई के समय पंचनामा तैयार करने, सैंपलिंग, सीलिंग एवं दस्तावेजी प्रक्रिया में बरती जाने वाली सावधानियों को भी विस्तार से समझाया गया।
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प्रथम सत्र में “P.I.T. – NDPS Act” विषय पर अधिनियम की प्रमुख धाराओं, गिरफ्तारी एवं जप्ती प्रक्रिया तथा विवेचना के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी दी गई। द्वितीय सत्र में एनडीपीएस प्रकरणों में आरोपियों के फाइनल बाउंड ओवर तथा न्यायालयीन कार्यवाही से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण में शासकीय अभियोजक श्री राघवेंद्र सिंह राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक श्री अतुल कुमार सिंह, रीडर टू पुलिस अधीक्षक श्रीमन नारायण चतुर्वेदी एवं थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक श्री आनंद राज ने विषय विशेषज्ञ के रूप में प्रशिक्षण दिया और अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम में जिले के विभिन्न थानों से 25 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी ऑफलाइन माध्यम से पुलिस कंट्रोल रूम में उपस्थित रहे, जबकि लगभग 35 पुलिसकर्मियों ने ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की।
वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्देश दिए कि एनडीपीएस अधिनियम से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, सतर्कता एवं विधिसम्मत कार्रवाई सर्वोच्च प्राथमिकता रहे। साथ ही भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर नशा तस्करी एवं अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध अभियान को और अधिक सशक्त बनाने की बात कही गई।








