विदिशा। दिव्यांगजनों के वैवाहिक जीवन को प्रोत्साहन देने एवं उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता द्वारा सात प्रकरणों में आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। जारी आदेश के अनुसार प्रत्येक पात्र दंपत्ति को 2-2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के उप संचालक श्री ए.के. खरे ने जानकारी देते हुए बताया कि योजना का उद्देश्य दिव्यांगजन को सामाजिक मुख्यधारा से जोड़ना तथा उनके वैवाहिक जीवन की आर्थिक मजबूती सुनिश्चित करना है। स्वीकृत प्रकरणों में जिले एवं अन्य जिलों के पात्र हितग्राही शामिल हैं।
जिन दंपत्तियों को सहायता स्वीकृत हुई है, उनमें श्री शिवजीपाल पाल (50 प्रतिशत अस्थिबाधित दिव्यांग), निवासी गणेशपुरा, विदिशा एवं श्रीमती नेहा पाल, निवासी बिसोनिया, जिला राजगढ़ शामिल हैं। श्री गौरव शर्मा (80 प्रतिशत अस्थिबाधित दिव्यांग), निवासी लटेरी, जिला विदिशा एवं श्रीमती पूरन पंडा, निवासी चंदेरी, जिला अशोकनगर को भी योजना का लाभ दिया गया है।
इसी प्रकार श्री धर्मेन्द्र यादव, निवासी शमशाबाद, जिला विदिशा एवं श्रीमती पूजाबाई यादव (40 प्रतिशत बौद्धिक दिव्यांग), निवासी लटेरी को सहायता स्वीकृत हुई है। श्री चक्रेश अहिरवार (40 प्रतिशत अस्थिबाधित दिव्यांग), निवासी सौराई, विदिशा एवं श्रीमती नीलम अहिरवार, निवासी विदिशा को भी योजना में शामिल किया गया है।
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इसके अतिरिक्त श्री लीलेश सम्मरवार (40 प्रतिशत दृष्टिबाधित दिव्यांग), निवासी विदिशा एवं श्रीमती सेवा अहिरवार, निवासी लटेरी को प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है। सबा अस्लम (100 प्रतिशत दृष्टिबाधित दिव्यांग), निवासी सिरोंज, जिला विदिशा एवं अंजुम जावेद, निवासी सवाई माधोपुर (राजस्थान) तथा श्रीमती सोनम भावसार (40 प्रतिशत अस्थिबाधित दिव्यांग), निवासी विदिशा एवं श्री सोनू नामदेव, निवासी गुना को भी योजना का लाभ प्रदान किया गया है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पात्र हितग्राहियों को शासन की मंशा के अनुरूप पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सहायता राशि प्रदान की जा रही है। यह योजना दिव्यांगजनों के सम्मानजनक जीवन, सामाजिक स्वीकृति और आर्थिक संबल की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है।








